हे आंख फ़िजूल में तू नम होती है हे आंख फ़िजूल में तू आंसू खोती है! हे आंख फ़िजूल में तू नम होती है हे आंख फ़िजूल में तू आंसू खोती है!
मन मेरा शून्य में है हाँ मन मेरा शून्य में है कोई सब कुछ खोकर भी खुदा की इबादत करने ज मन मेरा शून्य में है हाँ मन मेरा शून्य में है कोई सब कुछ खोकर भी खुदा की इ...
चक्रवात के चक्कर में त्राहि-त्राहि है मन घिसा पीटा हुआ लग रहा है नश्वर जीवन।। चक्रवात के चक्कर में त्राहि-त्राहि है मन घिसा पीटा हुआ लग रहा है नश्वर ...
जय, जय, जय हे माँ सरस्वती, तुमको आज निहार रहा हूँ। जय, जय, जय हे माँ सरस्वती, तुमको आज निहार रहा हूँ।
देखा नहीं उसने मेरी आँखों में झांक के वो नासमझ मुझे क्यों रुलाने में रह गया देखा नहीं उसने मेरी आँखों में झांक के वो नासमझ मुझे क्यों रुलाने में रह गया
जो एक पल में आँसू छलकाने की क्षमता रखता जब अपने कहते- और आना। जो एक पल में आँसू छलकाने की क्षमता रखता जब अपने कहते- और आना।